नई नई मार्केट घूमना और वहाँ से अच्छी कीमतों में सामान खरीदने का मन बहुत से लोगों को होता है, और खासकर उन मार्केट्स में जो बहुत बड़ी और पुरानी हों, क्योंकि इन मार्केट्स में आपको बहुत सारे अच्छे सामान बहुत ही कम कीमत में मिल जाएंगे और वहाँ घूमने में भी बहुत मजा आता है।
इटौंजा की मार्केट भी बहुत ही बड़ी मार्केट है और यहाँ 1000+ छोटी बड़ी दुकानें हैं जहाँ आपको हर तरह का सामान मिल जाएगा चाहे वो कपड़े हों, जूते हों, बाइक या कार के पार्ट्स से लेकर सब्जी या भी बहुत कुछ, इटौंजा मार्केट में आप अगर जाते हैं तो आप कुछ न कुछ लेकर ही आएंगे क्योंकि यहाँ आपको पैसे या क्वालिटी में कोई समस्या नहीं होगी।
चलिए मैं आज आपको इटौंजा की बाजार जाने का रास्ता, मार्केट में क्या क्या मिलेगा और कितनी कीमतों में सब बताऊँगा तो चलते हैं।
मड़ियाँव से इटौंजा जाने का पूरा रास्ता: हर चौराहे का किराया और रास्ता
मैं मड़ियाँव से इसलिए शुरू कर रहा हूँ क्योंकि यहाँ से इटौंजा तक बहुत से रास्ते पड़ेंगे जिनके बारे में हम जाते-जाते जान सकते हैं।
मड़ियाँव से इटौंजा जाने के रास्ते में बहुत से चौराहे पड़ेंगे और बहुत से रास्ते भी, इसलिए मैं आपको हर चौराहे के बारे में बताता हूँ।
मड़ियाँव से पहला चौराहा: अटल चौराहा

मड़ियाँव गाँव बहुत बड़ा है और वहाँ से इटौंजा जाने के सबसे छोटे रास्ते में सबसे पहले अटल चौराहा आता है जो आपको गाँव के बाहर आकर मिल जाएगा, अटल तक पहुँचने के सबसे छोटे रास्ते में आपको Brewbakes Café मिलेगा, इसका मतलब आप सही जगह आए हैं।
अटल से बिठौली क्रॉसिंग जानकीपुरम

इटौंजा तक सीधे जाने के लिए आपको कोई लोकल Auto नहीं मिलेगा, इसलिए आपको सबसे पहले बिठौली क्रॉसिंग Auto से जाना होगा फिर वहाँ से Auto मिलेगा।
सबसे पहले मैंने अटल से एक Auto लिया जो बिठौली क्रॉसिंग जाने के 10 रुपये माँग रहा था जो कि बिल्कुल सही किराया है इसलिए मैं बैठ गया, मैं मिनी मेट्रो टाइप वाले Auto में बैठ गया जो थोड़ा धीरे चलता है लेकिन बड़े वाले Auto थे ही नहीं जो तेज चलते हैं इसलिए कोई बात नहीं।
अटल से Auto चलते हुए सबसे पहले New Vision School की तरफ पहुँचा जो रास्ते में पड़ता है और यह स्कूल यहाँ सिर्फ 3-4 साल पहले ही खुला है, आगे जाते हुए एक और स्कूल आया Central Academy नाम से जो बहुत ही बड़ा स्कूल है, वहाँ से Auto ने राइट ले लिया और भवानी बाजार की तरफ चल दिया जिसके बाद हम बिठौली पहुँच जाएंगे और अगर आप मुंशीपुलिया या उसके आस पास रहते हैं और आपको भवानी आना है तो आप मुंशीपुलिया से भवानी बाजार वाला यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं।
भवानी से थोड़ा आगे आने पर हम Trends Mall के पास से गुजरे जो रास्ते में पड़ता है और यह बहुत ही बड़ा मॉल है जिसके नीचे Spencer’s Mall भी खुला है, Trends के आगे जाने पर St. Mary’s School क्रॉस करने के बाद बिठौली रेलवे क्रॉसिंग पर पहुँच गए जहाँ मैंने Auto वाले को 10 रुपये देकर रोड क्रॉस करके हमज़ा चिकन बिरयानी शॉप के पास खड़ा हो गया जहाँ से मुझे अगला Auto मिलेगा।
बिठौली क्रॉसिंग से इटौंजा जाने का रास्ता और Auto का किराया

बिठौली क्रॉसिंग से सीधे इटौंजा जाने के लिए आपको Auto मिल जाएगा जिसका किराया 20 रुपये पड़ेगा, और आप चाहें तो Bus या Tempo भी ले सकते हैं लेकिन मेरे हिसाब से Auto बेस्ट है क्योंकि यह आपको जल्दी भी पहुँचाएगा और ज्यादा भीड़ भी नहीं होगी।
Auto चलने के बाद रास्ते में बहुत सी जगह आईं जैसे पहले KIA का सर्विस सेंटर, फिर उजाला हॉस्पिटल, रामेश्वरम इंस्टीट्यूट, जानकीपुरम हॉस्पिटल, और फिर एक बड़ा चौराहा चटमील।
चटमील चौराहे से हम अब और आगे जाएंगे और पहुँचेंगे बख्शी का तालाब मार्केट जो कि इटौंजा की तरह ही एक बड़ा मार्केट है जिसके बारे में मैंने अपनी पिछली पोस्ट में बताया है, आप चाहें तो पहले इस मार्केट में थोड़ा घूम सकते हैं और फिर इटौंजा।
बख्शी का तालाब से इटौंजा 12.5 किमी दूर है जिसके रास्ते में भी बहुत से बड़े स्थान पड़ते हैं जैसे: थोड़ा आगे जाने पर आपको चंद्रिका देवी मंदिर जाने का रास्ता मिलेगा और फिर चंद्रिका देवी हॉस्पिटल।
लगभग 20 मिनट के सफर के बाद हम इटौंजा पहुँच गए और पुल शुरू होने से पहले ही मैं उतर गया क्योंकि अगर आगे जाता तो फिर वापस घूम कर जाना पड़ता।
इटौंजा मार्केट का पूरा सफर: कीमतें, सामान की क्वालिटी और भी बहुत कुछ

इटौंजा पहुँचते ही मुझे भूख लग गई इसलिए मैंने यहाँ का मटर खस्ता लिया, मैंने पहले भी बहुत बार खस्ता खाया है और यहाँ का खस्ता बहुत ही फेमस है और स्वादिष्ट भी, खस्ते की कीमत 20 रुपये प्लेट थी और वहाँ खाने के बाद मैं मार्केट के अंदर चला गया। मार्केट शुरू होते ही खाने पीने की दुकानें दिखने लगीं और सब्जी वाले भी वहाँ थे, थोड़ा आगे जाते ही वहाँ का बहुत पुराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो सरकारी है वो दिखा जहाँ से आप कम से कम कीमत में दवाइयाँ और जाँच करवा सकते हैं।
PM Shri उच्च प्राथमिक स्कूल तक पहुँचने तक ज्यादा दुकानें नहीं थीं लेकिन अभी तो मार्केट शुरू हुई है, स्कूल के आगे जाने पर मार्केट में भीड़ बढ़ने लगी और बहुत ही बड़ी दुकानें आने लगीं जैसे श्री बिहारी सारीज जहाँ आपको बढ़िया बढ़िया साड़ियाँ और लहंगे 1000 रुपये तक मिल जाएंगे, और सिर्फ यही नहीं इस दुकान के बगल में लगातार 7 दुकानें साड़ी और लहंगे जो पार्टी के लिए बेस्ट हैं वो मिल जाएंगे।
कपड़े ही नहीं आपको बीच बीच में खाने की दुकानें, बेकरी, मेडिकल, पेंट की दुकान, राशन की दुकान और ज्वेलर्स की दुकान भी मिल जाएगी, इसका मतलब आप कुछ भी खरीद सकते हैं आपको सब कुछ मिल जाएगा।
थोड़ा और आगे जाने पर कार्यालय नगर पंचायत-इटौंजा आएगा जिसके राइट साइड में आपको Gagan Foot Wear की दुकान मिलेगी जहाँ से मेरी मम्मी हर बार मेरे लिए जूते या चप्पल लेती हैं और इनका प्राइस भी 400 से 700 रुपये ही रहता है जो बहुत ही सही है, और मेरी मम्मी जब छोटी थीं तब नाना यहीं से उनके लिए कपड़े ले जाते थे। इस बाजार में और आगे जाते जाते मैं आखिरी शॉप पर पहुँचा जो तिराहे पर थी जो सलामत ट्रेडर्स की थी।
- इटौंजा मार्केट में आप कपड़े 500 से 1000 रुपये में ले सकते हैं
- जूते चप्पल 200 से 700 रुपये तक बढ़िया मिल जाएंगे
- खाने पीने के लिए 100 से 150 रुपये बहुत हैं
- किचन का सामान आपको 100 रुपये से शुरू हो जाता है
अंतिम विचार
इटौंजा मार्केट देखने में और सामान बेचने में भी बहुत बड़ी है, यहाँ आस पास के बहुत से गाँव वालों की 1000+ दुकानें हैं और सामान की क्वालिटी भी अच्छी है और यहाँ का मुख्य आकर्षण इटौंजा हाउस (इटौंजा कोठी) है, जिसे 1913 में राजा इंद्र विक्रम सिंह ने बनवाया था। लेकिन बाद में दूसरे विश्व युद्ध में इसे घायल सैनिकों के लिए हॉस्पिटल में बदल दिया गया।
इटौंजा तक आने के लिए आपको नेशनल हाईवे 30 पर आना होगा जिससे आप किसी भी जगह से यहाँ आ सकते हैं, और मैंने इसमें आपको Auto का जो भी किराया बताया है वो समय के साथ थोड़ा बढ़ भी सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या इटौंजा मार्केट में ब्रांडेड सामान मिलता है?
उत्तर: हाँ, यहाँ आपको ब्रांडेड सामान भी मिलता है लेकिन इसके लिए आपको बड़ी दुकानों में जाना होगा, फुटपाथ वाली छोटी दुकानों में नहीं।
प्रश्न 2: बिठौली क्रॉसिंग से इटौंजा तक Rapido या Uber जाते हैं?
उत्तर: नहीं, क्योंकि यहाँ पर कोई बड़ा इंडस्ट्रियल या वर्किंग एरिया नहीं है और यहाँ ज्यादा लोग जॉब करने नहीं आते इसलिए Uber, Rapido जैसी कैब सर्विस बिठौली के आगे नहीं जातीं।
प्रश्न 3: क्या इटौंजा में कोई मंदिर है?
उत्तर: हाँ, यहाँ पर एक बहुत ही पुराना मंदिर है जो मार्केट की शुरुआत में राइट साइड वाले रास्ते में थोड़ा आगे है, वहाँ पर केशरी लाल की भोजपुरी फिल्म संघर्ष की शूटिंग भी हुई थी।

मैं प्रियांशु राज हूँ; मैं लखनऊ के आस-पास की जगहों को देखूँगा और आपके घूमने-फिरने के लिए सबसे अच्छे रास्ते और तरीके बताऊँगा।