सिधौली क्षेत्र में बहुत सी ऐतिहासिक चीज़ें और जगहें हैं और यहाँ का बहुत पुराना कुषाण काल यानी लगभग 2000 साल पुराना मनवा का टीला भी है। और यहाँ के लोगों का कहना है कि इस जगह में राजा-महाराजाओं ने बहुत से खजाने गाड़े हैं, हालांकि इस बात की पुष्टि करने के लिए बहुत से सरकारी लोगों ने यहाँ खुदाई की है और उनको कुछ पुरानी मूर्ति और घरों के अवशेष मिले, लेकिन कोई एक बड़ा अकस्मात खजाना नहीं मिला है। लेकिन अब वो जगह घूमने के लिए एक सबसे बढ़िया और शांत जगह बन रही है, खास कर अगर आप सुबह जल्दी आते हैं तो वहाँ का नज़ारा देखने लायक होगा।
आज मैं पहाड़पुर गाँव से मनवा टीला जाऊँगा और आपको पूरा रास्ता बताऊँगा और आपका ऑटो का किराया कितना लगेगा और जाने का कौन सा तरीका सबसे अच्छा है।

पहाड़पुर गाँव से मनवा टीला, ऑटो और बाइक का खर्च
पहाड़पुर गाँव से मनवा टीला जाने के लिए हमें नील गाँव रोड अटरिया जाना होगा और फिर वहाँ से सिधौली मनवा गाँव जहाँ पर आपको मनवा टीला मिलेगा। और अगर हम बाइक से जाते हैं तो ठीक है, लेकिन ऑटो सीधे पहाड़पुर से सिधौली मनवा गाँव नहीं जाएगा, इसलिए हम 2 ऑटो बदलेंगे और सबसे पहले पहाड़पुर से अटरिया जाएँगे।
पहाड़पुर गाँव से अटरिया

मैं अटरिया बाइक से जाऊँगा लेकिन साथ में ऑटो का किराया भी बताता चलूँगा ताकि आप दोनों विकल्पों से आ सकें।
सबसे पहले मैं अपनी बाइक से अटरिया के लिए निकला और मैंने एक ऑटो वाले से अटरिया जाने का किराया भी पूछा तो उसने मुझे 20 रुपये बताया। बाइक से आगे बढ़ते हुए आपको बहुत से छोटे गाँव भी रास्ते में मिलेंगे जिनको लोग अलग-अलग नामों से जानते हैं, जैसे कुछ दूर पर ही आपको चवन चौराहा मिलेगा जहाँ से चवन गाँव भी है और बहुत पुरानी लगभग 40 साल पुरानी चवन बाज़ार भी मिलेगी जहाँ आपको सब्ज़ी, अनाज और रोज़मर्रा का सामान मिल जाएगा।
अटरिया नीलगाँव रोड पर चलते-चलते मैं अटरिया चौराहा पहुँच गया, जहाँ रेलवे क्रॉसिंग पार करते ही आप मार्केट में पहुँच जाएँगे जहाँ Palak Caters नाम से आपको एक बड़ी खाने-पीने की दुकान मिल जाएगी, जहाँ का मटर चाट बहुत ही स्वादिष्ट है। मैं जब भी अटरिया आता हूँ तो यह चाट जरूर खाता हूँ जो सिर्फ 20 रुपये की है। और आप समोसा या जलेबी भी ले सकते हैं जो 10 रुपये में मिल जाएँगे।
अटरिया मार्केट से निकलते ही मैं सीतापुर हाईवे पर पहुँच गया और अगर आप ऑटो से आएँगे तो आपको यहाँ से दूसरा ऑटो लेना होगा क्योंकि पहला ऑटो सिर्फ अटरिया तक ही जाएगा।
अटरिया से मनवा गाँव मार्ग
अटरिया से मनवा गाँव के लिए आप ऑटो ले सकते हैं जिसका किराया 20 रुपये पड़ेगा, लेकिन आप ऑटो वाले से पहले ही पूछ लीजिएगा कि क्या वो मनवा गाँव के अंदर जाएगा या सिर्फ सीतापुर रोड पर मनवा गाँव के मोड़ पर उतार देगा।
मैं अपनी बाइक से आगे चला और फ्लाईओवर के ऊपर से आगे बढ़ने लगा, मनवा गाँव यहाँ से लगभग 9.5Km दूर है।
गाँव के मोड़ पर पहुँचते ही आपको मनवा का टीला दिखने लगेगा और आपको गाँव के अंदर से टीला तक जाना होगा और आप चाहें तो बाइक से मनवा टीला पर चढ़ सकते हैं।
मनवा टीला की खासियत और सबसे अच्छा समय

मनवा का टीला में बहुत सी छोटी-बड़ी पहाड़ जैसी बनावटें हैं, कुछ जगहें बहुत ऊँची हैं और कुछ बहुत नीची। यहाँ पर बहुत से छोटे-छोटे गड्ढे भी हैं जिनमें अपने आप पानी भर जाता है और कुछ कुदरती छोटी नदियों जैसी संरचनाएँ भी हैं जिनका पानी भी साफ-सुथरा है।
मनवा टीला के आस-पास सरायन नदी भी है जो सराय गोमती संगम से निकलती है, जो बारिश के महीने में भरी हुई रहती है, इसलिए बारिश के महीने में आपको सबसे हरा-भरा और सुंदर नज़ारा देखने को मिलेगा। और आपको कुछ-कुछ छोटी-छोटी गुफाएँ भी मिलेंगी और यहाँ के लोग मानते हैं कि पहले के राजा लोग इन गुफाओं में अपना जरूरी और कीमती सामान रखते थे, लेकिन अब उनमें आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है।
जरूरी जानकारी
- पहाड़पुर से मनवा टीला जाने के लिए कोई कैब सर्विस नहीं चलती है, इसलिए आपको लोकल ऑटो या पर्सनल व्हीकल का ही इस्तेमाल करना होगा।
- मनवा टीला जाने का गाँव का रास्ता कच्चा है, इसलिए ध्यान रखना होगा।
- रात के समय यहाँ आना सुरक्षित नहीं है क्योंकि यहाँ खतरनाक जीव-जंतु भी रात में होते हैं।
अंतिम विचार
मनवा टीला पहले एक विशाल महल हुआ करता था, लेकिन आज मिट्टी का ढेर रह चुका है, लेकिन उसकी खूबसूरती आज भी कम नहीं हुई है और यहाँ अभी भी लोगों को इतिहास से जुड़े अवशेष मिलते रहते हैं क्योंकि ये बहुत बड़ी जगह है। और पहाड़पुर गाँव से मनवा टीला आने में आपका सिर्फ 40 रुपये ही खर्च होगा, और अगर आप बाइक से आते हैं तो और भी अच्छा है क्योंकि इससे आपको और भी आसानी होगी और आप टीला पर भी अपनी बाइक को ले जा सकते हैं और अपने सफर को और बेहतर बना सकते हैं।
अगर आपको मनवा टीला के विज़ुअल्स को देखना है तो आप नीचे दी गई वीडियो में देख सकते हैं और ऐसी ही और जगहों पर कैसे जाना है इसके लिए आप हमारे ब्लॉग सेक्शन को देख सकते हैं जहाँ आपको और भी पोस्ट्स मिल जाएँगी।

मैं प्रियांशु राज हूँ; मैं लखनऊ के आस-पास की जगहों को देखूँगा और आपके घूमने-फिरने के लिए सबसे अच्छे रास्ते और तरीके बताऊँगा।